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कंधों और हाथों को मजबूत बनाने के लिठरोज करें ये 5 योगासन, जानें तरीका और फायदे :-
कंधों और हाथों की मजबूती के लिठयोगासन (Yogaasana for shoulder and hand)
1. पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ पदà¥à¤®à¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ (Standing wide-legged forward bend with hand locked)
इस योगासन में अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ के दौरान पैरों को खोलकर फैलाना पड़ता है। इस योग से हैमसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤‚ग और कà¥à¤µà¤¾à¤¡à¥à¤°à¤¿à¤¸à¥‡à¤ªà¥à¤¸ को खोलने में मदद मिलती है। ये आपके मांसपेशियों की ताकत और लचीलापन बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही कंधे और हाथों का मूवमेंट बेहतर होता है। लचीलापन बढ़ने के कारण शरीर का संतà¥à¤²à¤¨ बनाठरखने में मदद मिलती है। आगे की तरफ à¤à¥à¤•कर किठजाने वाले इस योगासन में आपके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ अचà¥à¤›à¥‡ से होता है। ये कंधे और हाथों की थकान को दूर करता है।
पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤°à¤¿à¤¤à¤¾ पदà¥à¤®à¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ करने का तरीका
1. योग मैट पर ताड़ासन की मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में खड़े हो जाà¤à¤‚ और सांस खींचते हà¥à¤ दांठपैर को पीछठकी तरफ ले जाà¤à¤‚।
2. हाथों को कंधे की ऊंचाई तक सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š करें। हाथों को हिपà¥à¤¸ की ओर ले जाà¤à¤‚। सांस खीचें और सीने को ऊपर की तरफ खींचे।
3. सांस छोड़ते हà¥à¤ आगे की ओर à¤à¥à¤•ें। आगे à¤à¥à¤•ने पर अंगà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ योग मैट को छूने लगेंगी।
4. सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग करते हà¥à¤ जमीन को सिर से छूने की कोशिश करें। वहीं हिपà¥à¤¸ को ऊपर की ओर सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š करने की कोशिश करें।
5. धड़ की मांसपेशियां आपके सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨ को खींचकर रखेगी। कोहनियां मà¥à¤¡à¤¼à¥€ हà¥à¤ˆ रहेंगी।
6. इन आसन को à¤à¤• मिनट के लिठकरें और धीरे-धीरे उसी अवसà¥à¤¥à¤¾ में वापस आ जाà¤à¤‚।
सावधानियां
1. रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ या गंà¤à¥€à¤° बीमारी होने पर इस योगासन न करें।
2. गरà¥à¤¦à¤¨ में दरà¥à¤¦ होने पर या बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के मरीज à¤à¥€ इस योगासन को करने से बचें।
3. साथ ही अगर आप कंधे में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ है, तो हाथ ऊपर न उठाà¤à¤‚।
4. शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ पदà¥à¤®à¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ को योग टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤° की देखरेख में ही करना चाहिà¤à¥¤
2. गरà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¸à¤¨ (Eagle pose)
गरà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¸à¤¨ बांहों और पैरों की मांसपेशियों को मजबूत करता है। पीठके ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡, हाथों और कंधों में à¤à¥€ खिंचाव लाता है। इस योगासन की मदद से à¤à¤•ागà¥à¤°à¤¤à¤¾ और शारीरिक संतà¥à¤²à¤¨ में सà¥à¤§à¤¾à¤° आता है।
गरà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¸à¤¨ करने का तरीका
1. ताड़ासन में अवसà¥à¤¥à¤¾ में सांस लेते हà¥à¤ खड़ें हो जाà¤à¤‚।
2. बाà¤à¤‚ पैर को उठाकर दाà¤à¤‚ पैर के ऊपर टिका लें। साथ ही बाई जांघ दाई जांघ के ऊपर टिकी हो और बाà¤à¤‚ पैर की उंगलियों को जमीन पर रखें।
3. अब बाà¤à¤‚ पैर को घà¥à¤®à¤¾à¤•र इसी तरह दाà¤à¤‚ पैर के पीछे ले आà¤à¤‚ ताकि बायां पंजा पिडंली पर टिका हो।
4. अब दोनों बांहों को आगे की ओर उठाà¤à¤‚।
5. अब दाहिने बांह को बाई बाह के ऊफर रखें, दोनों कोहनियों को 90 डिगà¥à¤°à¥€ पर मोड़े और दाà¤à¤‚ हाथ को मोड़कर बाà¤à¤‚ हाथ के सामने ले आà¤à¤‚।
6. दोनों हथेलियों को जोड़ें। कोशिश करें की बाजू जमीन से समानà¥à¤¤à¤° हों।
7. इस मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में 1 मिनट खड़े रहें और दूसरी ओर à¤à¥€ यही पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दोहराà¤à¤‚।
सावधानियां
1. अगर आपके घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ या चोट हो, तो गरà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¸à¤¨ को न करें।
2. अगर पहली बार करने में कठिनाई आ रही है, तो आप दीवार का सहारा ले सकते हैं।
3. गठिया के दरà¥à¤¦ में बिना à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ की सलाह के इस योगासन को न करें।
3. गोमà¥à¤–ासन
गोमà¥à¤–ासन की मदद से पीठऔर बांहों की मांसपेशियों को मजबूत होती हैं। इस अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से थकान, चिंता और तनाव को कम कर सकते हैं। यह पैर में à¤à¤‚ठन को कम करता है और पैर की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। इसके नियमित अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से कंधों और हाथों के दरà¥à¤¦ में काफी आराम मिलता है।
गोमà¥à¤–ासन करने का तरीका
1. खà¥à¤²à¥‡ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर योगा मैट पर सà¥à¤–ासन की मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में खड़े हो जाà¤à¤‚।
2. इसके बाद अपने बाà¤à¤‚ पैर को अपने शरीर की ओर खींच के उसे अपने पास ले आà¤à¤‚।
3. अब अपने दाà¤à¤‚ पैर को जांघों के ऊपर रखें और उसे à¤à¥€ खींचकर अपने शरीर के पास ले आà¤à¤‚।
4. फिर अपने दाà¤à¤‚ हाथ को कंधे के ऊपर करें और कोहनी के पास से मोड़कर अपनी पीठके पीछे जितना अधिक हो सकता है लेकर जाने की कोशिश करें।
5. अब अपने बाà¤à¤‚ हाथ को à¤à¥€ कोहनी के पास से मोड़ें और पेट के साइड से पीछे की ओर पीठपर लेकर आà¤à¤‚।
6. अब दोनों हाथों को खींचकर आपस में मिलाने की कोशिश करें और पीठके पीछे हाथों को पकड़ लें।
7. इस मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में कà¥à¤› देर रहें और 10-12 बार सांस लें। फिर पà¥à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• अवसà¥à¤¥à¤¾ में आ जाà¤à¤‚।
सावधानियां
1. अगर पीठके पीछे हाथों को पकड़ने में परेशानी हो रही है, तो जबरदसà¥à¤¤à¥€ न करें।
2. रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में किसी पà¥à¤°à¤•ार की समसà¥à¤¯à¤¾ हो, तो ये योगासन न करें।
3. आपके घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡, गरà¥à¤¦à¤¨, कंधे में दरà¥à¤¦ है, तो इस योगासन को न करें।
4. गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला पहले तीन महीने में ये अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ न करें।
4. अधोमà¥à¤– शà¥à¤µà¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨
इस योगासन से हाथ-पैर की मांसपेशियां मजबूत होती है और इससे शरीर का संतà¥à¤²à¤¨ बनाठरखने में मदद मिलती है। यह अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ पाचन तंतà¥à¤° को मजबूत बनाता है। साथ ही यह शरीर को फà¥à¤°à¥à¤¤à¥€à¤²à¤¾-लचीला बनाता है।
अधोमà¥à¤– शà¥à¤µà¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ करने का तरीका
1. सबसे पहले जमीन पर à¤à¤•दम सीधे खड़े हो जाà¤à¤‚।
2. दोनों हाथों को आगे करते हà¥à¤ नीचे जमीन की ओर à¤à¥à¤• जाà¤à¤‚। à¤à¥à¤•ते समय आपके घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ सीधे होने चाहिà¤à¥¤
3. आपके दोनों हाथ कंधे के बराबर नहीं बलà¥à¤•ि इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥à¤•े होने चाहिà¤à¥¤
4. अब अपने हाथों की हथेलियों को à¤à¥à¤•ी हà¥à¤ˆ अवसà¥à¤¥à¤¾ में आगे की ओर फैलाà¤à¤‚ और उंगलियां सीधी रखें।
5. सांस छोड़े और घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को अधोमà¥à¤– शà¥à¤µà¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ के लिठहलà¥à¤•ा सा धनà¥à¤· के आकार में मोड़ें।
6. इसके बाद हाथों को पूरी तरह जमीन पर कंधों के नीचे से आगे की ओर फैलाठरखें।
7. अब अपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को जमीन पर थोड़ा और à¤à¥à¤•ाà¤à¤‚ और हिपà¥à¤¸ को जितना संà¤à¤µ हो ऊपर उठाà¤à¤‚।
8. धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि सिर हलà¥à¤•ा सा जमीन की ओर à¤à¥à¤•ा होना चाहिठऔर पीठके बराबर होना चाहिà¤à¥¤
सावधानियां
1. अगर आपकी कलाई में किसी तरह की समसà¥à¤¯à¤¾ है तो इसे न करें।
2. यदि पीठ, कमर, कंधों और à¤à¥à¤œà¤¾à¤“ं में चोट लगी हो, तो इस आसन को करने से बचें।
3. गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में इस योगासन को करने से बचना चाहिà¤à¥¤
4. कारà¥à¤ªà¤² टनल सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® से पीड़ित लोग इस अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ को न करें।
5. बालासन
इस योगाà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से कंधे, जोड़ों के दरà¥à¤¦, पीठऔर कमर दरà¥à¤¦ में काफी आराम मिलता है। बालासन से दिमाग को शांत रखने और शरीर को लचीला बनाने में मदद मिलती है। महिलाओं को पीरियडà¥à¤¸ के दौरान होने वाले दरà¥à¤¦ में à¤à¥€ राहत मिलती है।
बालासन के करने का तरीका
1. बालासन का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करने के लिठसबसे पहले वजà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ में बैठजाà¤à¤‚।
2. अब दोनों हाथों को आगे की ओर करें और सिर को जितना हो सके नीचे की ओर à¤à¥à¤•ाà¤à¤‚।
3. अपने हाथों को सिर से लगाते हà¥à¤ आगे की ओर सीधा रखें और हथेलियां जमीन रखें।
4. शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में 15 से 20 सेकेंड इस आसन का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करें और बाद में समय बढ़ा सकते हैं।
सावधानियां
1. घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ और कंधों में किसी तरह की चोट लगी हो तो बालासन का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ न करें।
2. डायरिया से पीड़ित लोगों को बालासन करने से परहेज करना चाहिà¤à¥¤
3. पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाà¤à¤‚ इस आसन का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ न करें।
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